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इंदुपुर के वरिष्ठ नेता वतेन्द्र कुमार सिंह के निधन से मुंगेर लखीसराय और बड़हिया में शोक का माहौल

राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा

इंदुपुर के वरिष्ठ नेता वतेन्द्र कुमार सिंह के निधन से मुंगेर लखीसराय और बड़हिया में शोक का माहौल
त्रिपुर सुंदरी समाचार बड़हिया के इंदुपुर में वतेन्द्र कुमार सिंह के आकस्मिक निधन से सर्वत्र शोक का माहौल व्याप्त हो गया। इंदुपुर से उनका गहरा लगाव रहा। काफी साल पहले लालू प्रसाद की सरकार में पर्यटन मंत्री के रूप में किसी नेता का इंटरव्यू करने जब उनके दफ्तर में पहुंचा तो मंत्री के पास बैठे किसी व्यक्ति ने मुझे बड़हिया के इंदुपुर का निवासी होने के बारे में जानकर वतेन्द्र कुमार सिंह के बारे में पूछा और मैंने उनके बारे में उनको बताया। मंत्री महोदय ने मुझे इंटरव्यू नहीं दिया । मैंने राष्ट्रीय प्रसारण सेवा (रेडियो) से जारी अनुबंध पत्र को दिखाया तो उन्होंने कहा कि अभी मानसिक रूप से तैयार नहीं हूं। फिर मैंने बिहार पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक का इंटरव्यू किया। उनका दफ्तर दूसरी जगह पर था। वतेन्द्र कुमार सिंह से कभी कभार थोड़ी बातचीत करने का मौका भी मिला था। वह बेहद भद्र शालीन और मिलनसार व्यक्ति थे। लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के साथ संपूर्ण क्रांति आंदोलन में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले अत्यंत ईमानदार और बुद्धिजीवी नेता के रूप में बिहार की राजनीति में वतेन्द्र कुमार सिंह का नाम दशकों तक गुमनामी में खोया रहा। यद्यपि लालू प्रसाद की राजद सरकार के द्वारा उनको बड़हिया नगर पंचायत का सभापति मनोनीत किया गया था लेकिन इसके अलावा उनके हिस्से में कोई और राजनीतिक उपलब्धि कभी नहीं आयी। राजद भूमिहार नेता के रूप में वतेन्द्र कुमार सिंह को कभी अपनी पार्टी में लखीसराय विधानसभा क्षेत्र से उभरने और पार्टी टिकट प्राप्त करने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद कांग्रेस और भाजपा में वह कभी शामिल होने नहीं गये।