अवध किशोर झा का कविता संग्रह किसान भारत

सुषमा खजूरिया
कवि का शीघ्र प्रकाश्य कविता संग्रह
किसानों के बीच जीवन व्यतीत करने का अवसर
सुषमा खजूरिया
'किसान भारत 'काव्य संग्रह में कृषक जीवन का सुन्दर चित्रण हुआ है l इसके रचयिता श्री अवध किशोर झा जी का अपने गांव से सदैव गहरा संबंध रहा l अपनी शिक्षा पूर्ण करके बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के रूप में ब्लाक डेवलपमेंट ऑफिसर के तौर पर कई सालों तक उन्हें किसानों के बीच जीवन व्यतीत करने का अवसर मिला l
प्राचीन काल से कृषक जीवन का ऋतुओं से अटूट संबंध रहा है l बसंत, शरद, शीत और वर्षा ऋतुओं का सुन्दर वर्णन प्रस्तुत काव्य संग्रह में हुआ है l कृषक के सुख दुःख, संघर्षमय जीवन एवं गांव के सुंदर चित्र सराहनीय हैं l एक उदाहरण दृष्टव्य है -
हथिया बीता
चित्रा आया
आया शरद सुहाना
- - - - -----
सभी जगह
रब्बी बोने की
होने लगी तैयारी
कार्तिक मास
लगोनी की ऋतु
सबको लगती प्यारी
इसी प्रकार पर्व -त्योहारों पर किसानों के उल्लास का भी कवि ने सुन्दर वर्णन किया है l मुक्त शैली में रचित इन कविताओं में गेयता का गुण भी है lभाव पक्ष और कला पक्ष दोनों दृष्टियों से काव्य सुन्दर बन पड़ा है l पुस्तक का शीर्षक भी सार्थक सिद्ध हुआ है l सर्वत्तोन्मुखी प्रतिभा सम्पन्न श्री अवध किशोर झा जी के सुपुत्र राजीव कुमार झा जी को सपरिवार इस काव्य संग्रह के प्रकाशन की हार्दिक बधाई देती हूं l पाठकों को यह काव्य पसंद आएगा l
शुभकामनाओं सहित
सुषमा खजूरिया
सेवानिवृत्त प्रवक्ता
बिलासपुर (हि. प्र )
