आचार्य चतुर सेन शास्त्री

राजीव कुमार झा
हिंदी साहित्य में चतुरसेन शास्त्री का नाम उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध है। उनका जन्म 26 अगस्त 1891 में हुआ। वह मूल तौर पर बुलंदशहर जिले के निवासी थे लेकिन बाद में वह दिल्ली में वैद्य के रूप में कार्यरत होकर और स्वतंत्र लेखक के तौर पर जीवन यापन किया। उनको हिन्दूवादी जीवन चेतना का लेखक माना जाता है और उनके उपन्यास सोमनाथ में देश पर मुस्लिम आक्रमण से कायम होने वाले संकटों और देश के लोगों के दुख पीड़ा और कष्टों का मार्मिक चित्रण हुआ है। उनका देहांत 1960 में हुआ।हिंदी साहित्य में चतुरसेन शास्त्री का नाम उपन्यासकार के रूप में प्रसिद्ध है। उनका जन्म 26 अगस्त 1891 में हुआ। वह मूल तौर पर बुलंदशहर जिले के निवासी थे लेकिन बाद में वह दिल्ली में वैद्य के रूप में कार्यरत होकर और स्वतंत्र लेखक के तौर पर जीवन यापन किया। उनको हिन्दूवादी जीवन चेतना का लेखक माना जाता है और उनके उपन्यास सोमनाथ में देश पर मुस्लिम आक्रमण से कायम होने वाले संकटों और देश के लोगों के दुख पीड़ा और कष्टों का मार्मिक चित्रण हुआ है। उनका देहांत 1960 में हुआ।
